वो चीखी होगी बहोत चिल्लाई तो होगी
वो बच्ची उस दिन बहोत रोई तो होगी
दरिंदों ने जब जकड़ा होगा चंगुल में उसे
हाथ पैर पटके बहोत छटपटाई तो होगी
माना कि बहुत क्रूर थी उस दिन की हवाएं मगर
लौ बुझने के पहले बहोत फड़फड़ाई तो होगी
सोची होगी कोई तो आ जाए बन के ख़ुदा
अपने भगवान से गुहार लगाई तो होगी
गीता में लिखा है कि वो सब जानता है
देख उसको उसे फिर दया आई तो होगी
मुझे अचरज नहीं कि सब मौन बैठे हैं जमीं पर
तुझे ख़ुदा कहते हैं तुझमें कुछ करिश्माई तो होगी
जिनके पापों को भूल जाती रही है ये दुनिया
उनके हिसाबो की किताब तूने बनाई तो होगी
इंसाफ़ करने में अब ज्यादा वक़्त मत लगाना भगवन
मुझे डर है देर हुई तो तेरी जग हसाई तो होगी
- संदीप सिंह
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