search a title

Saturday, August 13, 2022

असहाय

 


वो चीखी होगी बहोत चिल्लाई तो होगी

वो बच्ची उस दिन बहोत रोई तो होगी


दरिंदों ने जब जकड़ा होगा चंगुल में उसे

हाथ पैर पटके बहोत छटपटाई तो होगी


माना कि बहुत क्रूर थी उस दिन की हवाएं मगर

लौ बुझने के पहले बहोत फड़फड़ाई तो होगी


सोची होगी कोई तो आ जाए बन के ख़ुदा

अपने भगवान से गुहार लगाई तो होगी


गीता में लिखा है कि वो सब जानता है

देख उसको उसे फिर दया आई तो होगी


मुझे अचरज नहीं कि सब मौन बैठे हैं जमीं पर

तुझे ख़ुदा कहते हैं तुझमें कुछ करिश्माई तो होगी


जिनके पापों को भूल जाती रही है ये दुनिया

उनके हिसाबो की किताब तूने बनाई तो होगी


इंसाफ़ करने में अब ज्यादा वक़्त मत लगाना भगवन

मुझे डर है देर हुई तो तेरी जग हसाई तो होगी 


                                - संदीप सिंह