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Thursday, October 6, 2022

मगर आज मेरा दिल तन्हा है...

 न जाने कितनी रातें 

न जाने कितनी बातें

जाने कितनी सौगातें

मगर आज मेरा दिल तन्हा है...


न जाने कितनी डगर

न जाने कितने सफ़र

जाने कितने हमसफ़र

मगर आज मेरा दिल तन्हा है...


न जाने कितने सिलसिले

न जाने कितनी महफिलें

जाने कितने दिल मिले

मगर आज मेरा दिल तन्हा है...


                -   संदीप सिंह 

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