न जाने कितनी रातें
न जाने कितनी बातें
जाने कितनी सौगातें
मगर आज मेरा दिल तन्हा है...
न जाने कितनी डगर
न जाने कितने सफ़र
जाने कितने हमसफ़र
मगर आज मेरा दिल तन्हा है...
न जाने कितने सिलसिले
न जाने कितनी महफिलें
जाने कितने दिल मिले
मगर आज मेरा दिल तन्हा है...
- संदीप सिंह
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