भोले - (भाग -२)
ॐ नमः शिवाय
मस्त मगन मैं भोले में
जैसे बैठा उड़न खटोले में
माल रगड़ मैं खींचे जाऊँ
डूबूँ धुएँ के गोले में
इधर उधर मैं घूरे जाऊँ
कुछ भी मुझको याद नहीं
आदि भी भोला अंत भी भोला
भोले के कुछ बाद नहीं
भाँग धतूरा माल में भोला
तांडव के हर ताल में भोला
पैर पटक मैं नाचे जाऊँ
मेरा तो हर हाल में भोला
मारे जाऊँ मैं दम पे दम
लेके नाम बबम बम बम
दो ही चीज है भाती मुझको
आँख लाल और हाथ चिलम
लगे आज मैं स्वर्ग नाप लूँ
काल की आँखों में भी झाँक लूँ
तन मन भोला नाम रमा के
मार पालथी मृत्यु ताक लूँ
मैं नहीं डरता काल वाल से
मैं नहीं डरता किसी बवाल से
न चिंता न भय है कोई
छोड़ा है सब महाकाल पे
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
-संदीप सिंह


Bht shi likha h dude . . .
ReplyDeleteThanks dude...
DeleteBht shi likha h dude . . .
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