मेरा भोला - (भाग -१)
ॐ नमः शिवाय
मेरे तन मन में है डोला मेरा शंकर बम बम भोला
मैं नाम उसी का रटा करूँ बस बम बम बम बम जपा करूँ
सिंहासन उसका सिंह की खाल
माथ मुकुट गंगा का जाल
डोल उठे ये धरा गगन सब
जब तांडव में हो कदम ताल
महादेव मेरा नीलकंठ है
जल सा शीतल अग्नि प्रचंड है
नाम में उसके हर-हर का डंका
कामेश्वर है वो महा अखंड है
रूद्र बने जब बड़ा भयंकर
माने न फिर मेरा शंकर
आँख तीसरी बस वो खोले
तीनों लोक बना दे कंकर
न लगता कोई तेरे सम्मुख
क्रोध अग्नि जब तेरी भड़कती
क़ाम क्रोध सब तेरे बस में
तुझसे बड़ी न कोई शक्ति
डम डम डमरू जब बाजे भूत प्रेत सब साथ में नाचे
गूँजे नाद बबम बम का तीनों लोक बजा दे डंका
क्या अमृत क्या विष का प्याला
सब कुछ उसने पी डाला
मस्तक शीतल चाँद सँवारे
गले में शोभे विषधर माला
हे महाविनाशक हे अनंतदृष्टि
तू ही प्रथम फिर सारी सृष्टि
भूत पिशाच दैत्य देव मानव
तेरे दरश से सबकी तृप्ति
हे गिरिजापति गजेंद्र गंगाधराय
लोकपाल ललाटाक्षा लोकांकराय
हे अर्धनारीश्वर नीलकंठ कैलाशी
सतीहृदय सतीपति गौरी शंकराय
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
- संदीप सिंह
Bht shi likha h ....
ReplyDeleteDhanyawaad!shukriya!
DeleteKya khoob likha hai
DeleteBas apne ye samjha hai...apka bhut bhut dhanyawaad.....padhte rahiye...kuchh kahte rahiye
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